***Old Rusty Swing***

Sat in the veranda, that old rusty swing. Which had seen much better days. Sunny sunday mornings, lazy Friday nights. Kids looked at it with a lusty gaze. Way back in ’89 it was bought, Everyone was so excited. Now it sits in veranda, leaning, With one of the legs disjointed. Grampa waited for every […]

***दिल करता है!***

मालूम है के अंत में गुमनामी के सिवा कुछ नहीं, पर तेरे नाम से बदनाम होने को दिल करता है। तू कल न थी, आज है, कल फिर न होगी, आज का हर पल तेरे साथ जीने को दिल करता है। मालूम है के तेरी-मेरी मंजिल एक नहीं, पर जो राह तू ले उस पर […]